अगर मुझपे इनायत हो मुझको ये वर देदो agar mujhpe inayat ho to mujhko ye var de do

by - December 26, 2019

अगर मुझपे इनायत हो मुझको ये वर देदो
जिधर देखूं तुम्हें देखूं मुझे ऐसी नजर देदो
अगर मुझपे इनायत हो मुझको ये वर देदो

तुम्हारे नाम की माला प्रभु सिंगार हो मेरा
तेरा कीर्तन तेरा उत्सव यही त्यौहारहो मेरा
यहां चलकर देखूं तुमसे मुझे ऐसी डगर देदो
अगर मुझपे इनायत हो मुझको ये वर देदो

ना रंजिस हो किसी से भी ना बैर हो
मिलू सबसे मुस्काके जो तेरा हो वो मेरा हो
मैं नफरत को मोहब्बत दूं ऐसा हुनर देदो
अगर मुझपे इनायत हो मुझको ये वर देदो

तुम्हारे दास पर इतना प्रभु उपकार हो जाए
अंतिम पल में नजरों को तेरा दीदार हो जाए
शुरू तुमपर खत्म तुमपर मुझे ऐसी उम्र देदो
अगर मुझपे इनायत हो मुझको ये वर देदो

मेरी तमन्ना है तुम्हारा ही होकर रह जाऊं
तुम्हारे नाम के नगमे अंतिम सांस तक गांऊ
जो दिल को छूले वो भजनों में असर देदो
अगर मुझपे इनायत हो मुझको ये वर देदो


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