राम दो निज चरणों में स्थान raam do n8j charno mei sthaan
राम दो निज चरणों में स्थान
शरणागत अपना जन जान
राम दो निज चरणों में स्थान
अधमाधम मैं पतित पुरातन
साधन हीन निराश दुखी मन
अंधकार में भटक रहा हूं
राह दिखाओ उंगली थाम
राम दो निज चरणों में स्थान
सर्व शक्ति मय राम जपू मैं
दिव्य शांति आनंद छकूं मैं
सिमरन करूं निरंतर प्रभु मैं
राम नाम मुद मंगल धाम
राम दो निज चरणों में स्थान
केवल राम नाम ही जानू
और धर्म मत ना पहचानू
जो गुरु मंत्र दिया सतगुरु ने
उसमें है सबका कल्याण
राम दो निज चरणों में स्थान
हनुमत जैसा बल दे दो
पर सेवा का भाव प्रबल दे दो
बुद्धि विवेक शक्ति संबल दे दो
पूरा करूं मैं राम का काम
राम दो निज चरणों में स्थान
शरणागत अपना जन जान
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