श्याम की शरण में जो सवाली बनके आया shyam ki sharan mei jo sawali banke aauaa
श्याम की शरण में जो सवाली बनके आया
जिसने भी सर झुकाया उसको गले लगाया
श्याम की शरण में जो सवाली बनके आया
उपकार इतना मुझपर मेरे श्याम ने किया है
जो कुछ भी मैंने मांगा मेरे श्याम ने दिया है
मेरी एक पुकार पर ही ये दौड़कर है आया
जिसने भी सर झुकाया उसको गले लगाया
पोछे है मेरे आंसू हसना मुझे सिखाया
मेरा कोई न था अपना मुझे बनाया
चलता है साथ मेरे जैसे कि मेरा साया
जिसने भी सर झुकाया उसको गले लगाया
तकदीर से भी ज्यादा श्याम ने दे दिया है
गम से भरा जीवन खुशियों से भर दिया है
उजड़े मेरे चमन में ये बहार बनके आया
श्याम की शरण में जो सवाली बनके आया
जिसनेभी सर झुकाया उसको गले लगाया
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