जहां रहमत बरसती है उसे बरसाना कहते हैं jahaa rahmat barsati ai use barsana kahte hai
जहां रहमत बरसती है
उसे बरसाना कहते हैं
जो पागल है किशोरी का
उसे दीवाना कहते हैं
जहां रहमत बरसती है
दीदार हो करम तेरा
मेरी दुनिया बदल जाए
जहां बनती है तकदीरें
उसे बरसाना कहते हैं
जहां रहमत बरसती है
उसे बरसाना कहते हैं
दरस की आग में झुलसे
मेरा मन प्रेम को तरसे
जो शम्मा संग जले निशदिन
उसे परवाना कहते हैं
जहां रहमत बरसती है
उसे बरसाना कहते हैं
तेरे पहलू में जो आए
रसिक तेरा वह बन जाए
रहे मस्ती में जो तेरी
उसे मस्ताना कहते हैं
जहां रहमत बरसती है
उसे बरसाना कहते हैं
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