हम आज सभी मिलकर तेरी रात जगायेंगे um aaj sabhi milkar teri raat jagayenge
हम आज सभी मिलकर तेरी रात जगायेंगे
ओ महावीर सुनले हम तेरी महिमा गाएंगे
हम आज सभी मिलकर तेरी रात जगायेंगे
तुझसे मिलने को भला कोई रोकेगा कैसे
कदमों से लिपट जाएं ब्रक्ष की लता जैसे
सपनों में मिले थे तुम अब सामने पाएंगे
हम आज सभी मिलकर तेरी रात जगायेँगे
पूरी होगी त्रष्णा प्यासे इन नयनन की
माथे से लगा लेंगे धूली तेरे चरणन की
चरणाम्रत लेकर के हम भव तर जाएंगे
हम आज सभी मिलकर तेरी रात जगायेंगे
सदियों से सदा हमने तेरी आस लगाई है
पागल मनवा कहता इसमें ही भलाई है
पाकर तेरे दर्शन को हम धन्य हो जाएंगे
हम आज सभी मिलकर तेरी रात जगायेंगे
चुनकर उपबन से पुष्पों की मधुर लडियां
इक हार बनाया है बीती हैं कई घडियां
ये पुष्प भजन माला तेरे चरण चढ़ाएंगे
हम आज सभी मिलकर तेरी रात जगायेंगे
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