घर मेरे अंबे लगा जाओ फेरा ghar mere ambe lagaa jao fera
घर मेरे अंबे लगा जाओ फेरा
जी भरके दर्शन करुंगी मैं तेरा
घर मेरे अंबे लगा जाओ फेरा
पलकों से तेरा मैं रस्ता बुहारु
हलवे का भोग लगाऊ मैं तेरा
घर मेरे अंबे लगा जाओ फेरा
जी भरके दर्शन करूंगी मैं तेरा
फूलों से मां तेरी सेज सजाऊ
मलमल का बिस्तर बिछाऊ मैं तेरा
घर मेरे अंबे लगा जाओ फेरा
जी भरके दर्शन करुंगी मैं तेरा
चुन-चुन कलियां मै बागो से लाऊं
फूलों का हार बनाऊं अंबे मैं तेरा
घर मेरे अंबे लगा जाओ फेरा
जी भरके दर्शन करुंगी मैं तेरा
लाल चुनरिया मैं तुझको उडाऊं
भक्तों के संग गुण गांऊ मै तेरा
घर मेरे अंबे लगा जाओ फेरा
जी भरके दर्शन करुंगी मैं तेरा
0 comments