पकड़ लो हाथ मेरा मां जग में भीड़ भारी है pakad lo hath mera jag mei bheed bhaari hai

by - December 26, 2019

पकड़ लो हाथ मेरा मां जग में भीड़ भारी है
कहीं मैं भटक न जाऊं जिम्मेदारी तुम्हारी है
पकड़ लो हाथ मेरा मां जग में भीड़ भारी है

जीवन तुमने दिया है संभालोगी तुम ही मां
आशा ही नहीं वरन विश्वास पूरा है मां
हर संकट से भी मुझे निकालोगी तुम ही मां
पकड़ लो हाथ मेरा मां जग में भीड़ भारी है

दर मिला ऐसा अब किसी दर की चाह नहीं
जब से मुझको मिला तेरे दर का सहारा मां
अब किसी और के सहारे की आस नहीं मा
पकड़ लो हाथ मेरा मां जग में भीड़ भारी है
कहीं में भटक न जाऊं जिम्मेदारी तुम्हारी है

कुछ न बिगड़ेगा मां चरणों में आने के बाद
खुशी मिल जाएगी चरणों में झुकने के बाद
मंजिल दूर और सफर बहुत ये फिकर है
मां की दुआओं में असर भी तो बहुत है
पकड़ लो हाथ मेरा मां जग में भीड़ भारी है
कहीं में भटक न जाऊं जिम्मेदारी तुम्हारी है


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