बर दीजे हनुमान ह्रदय में bar deeje hanuman hriday mei
बर दीजे हनुमान ह्रदय में
ज्ञान की ज्योति जलती रहे
जहां तलक जाए मेरी दृष्टि
आपकी मूरत दिखती रहे
नित्य प्रति हरपल यूं निरंतर
आप ही को प्रभु ध्याऊ मैं
जब भी विपदा आए कोई
तो शरण तिहारी आऊं मै
आपके चरणों में यूं रहकर
श्रद्धा पल- पल बढती रहे
जहां तलक जाए मेरी दृष्टि
आपकी मूरत दिखती रहे
मन व्याकुल हो या हरषाए
सदा रहूं मैं एक समान
भाग्य लिखी को मैं स्वीकारु
समझ विधि का यही विधान
साहस और पराक्रम की सब
सीख आपसे मिलती रहे
जहां तलक जाए मेरी दृष्टि
आपकी मूरत दिखती रहे
आप सत्य के ही प्रतीक हो
संतो से मैं सुनता आया
बहु रुप है निर्भीक है
बड़ी प्रबल सुंदर काया
आपके गुण चतुराई की पूंजी
भक्तों में भी बढ़ती रहे
जहां तलक जाए मेरी दृष्टि
आपकी मूरत दिखती रहे
लगन आप में रहे यूं मेरी
और ना हो कोई मन में
शीश झुके तो बस हनुमत
केसरी नंदन के चरणों में
एक बार लगे धुन जो आपकी
दिन दिन दुगनी बढ़ती रहे
जहां तलक जाए मेरी दृष्टि
आपकी मूरत दिखती रहे
सुनते हैं प्रभु तुम ही केवल
राम भक्त कहलाते हो
सच्चा भक्त पुकारे तो तुम
जलधि लांघ कर आते हो
युग युग तक सियाराम के संग
आपकी पूजा चलती रहे
जहां तलक जाए मेरी दृष्टि
आपकी मूरत दिखती रहे
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