शंकर भोले भाले छैल बिहारी त्रिपुरारी shankar bhole bhaale chhail bihari tripurari
शंकर भोले भाले छैल बिहारी त्रिपुरारी
तेरी लीला प्रभु सबसे है न्यारी न्यारी
शंकर भोले भाले छैल बिहारी त्रिपुरारी
ललाट पे है चंद्रमा जटा में गंग धार है
रमी है भस्म अंग पर गले में सर्प हार है
नवा रहा है शीश देवगण तुम्हारी भक्ति में
है कोटि सूर्य का प्रकाश तुम्हारी शक्ति में
सब देवों में महादेव तुझसा कोई न दूजा
भक्ति भाव से सब करते हैं तेरी पूजा
शिवजी तेरा है रुप निराला भोला भाला
तेरी छवि पे सब है बलिहारी- बलिहारी
सागर मथ के देवता अमृत पर ललचाए
तुमअभ्यंकर विषपीकर नीलकंठकहलाए
जो भी आया शंभू शरण तिहारी दुखहारी
उसकी नैया तुम पार उतारी - पार उतारी
हे भोले जहां भी तेरा डम डम डमरु बाजे
धर के नाना रुप तेरे गण संग संग नाचे
तेरा किसी ने भी भेद न पाया कैसी माया
भायी तुझे नंदीकी सवारी नंदी की सवारी
शंकर भोले भाले छैल बिहारी त्रिपुरारी
तेरी लीला प्रभु सबसे है न्यारी न्यारी
0 comments