किसकी शरण में जाऊं अब मेरे बांके बिहारी kiski sharan mei jau ab mere baanke bihari
किसकी शरण में जाऊं अब मेरे बांके बिहारी
छोडके जगके सबनाते मैं आई शरण तिहारी
किसकी शरण में जाऊं अब मेरे बांके बिहारी
गज ग्राह से छुड़ाया और प्रह्लाद को बचाया
द्रोपदीका पट बढ़ाया निर्बलके बल तुमही हो
किसकी शरण में जाऊं अब मेरे बांके बिहारी
छोड़के जगके सबनाते मैं आई शरण तिहारी
अति दीन था सुदामा आया वो तुम्हारे धामा
धनपति उसे बनाया निर्धन के धन तुमही हो
किसकी शरण में जाऊं अब मेरे बांकेबिहारी
छोड़के जगके सबनाते मैं आई शरण तिहारी
तारा सदन कसाई अजामिल की गति बनाई
गणिका सुपुर पठाई पातक हरण तुम्ही हो
किसकी शरण में जाऊं अब मेरे बांकेबिहारी
छोड़के जगके सबनाते मैं आई शरण तिहारी
मुझको तो हे बिहारी आशा है बस तुम्हारी
काहे सूरत विसारी मेरे तो एक तुम ही हो
किसकी शरण में जाऊं अब मेरे बांकेबिहारी
छोड़के जगके सबनाते मैं आई शरण तिहारी
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