भोले भंडारी त्रिपुरारी शीश बहे गंगा प्यारी bhole bhandari tripurari sheesh bahe ganga pyari

by - December 24, 2019

भोले भंडारी त्रिपुरारी शीश बहे गंगा प्यारी
माथे पे प्यारा चंदा कर मध्य कमंडल धारी
भोले भंडारी त्रिपुरारी शीश बहे गंगा प्यारी

गले सर्प विषैले हैं काले
तन पे म्रग छाला है डाले
डमरू जो बजाके नृत्य करें
सब झूम उठे यह सृष्टि सारी
भोले भंडारी त्रिपुरारी शीश बहे गंगा प्यारी

नागेश महादेव निराले मतवाले
रहें मस्त सदा पी भंग के प्याले
अविनाशी है बासी कैलाशी
है त्रिनेत्र प्रभु गंगा धारी
भोले भंडारी त्रिपुरारी शीश बहे गंगा प्यारी

जय शिव शंकर हे भोले प्रभु
तेरे द्वार खड़ा क्या मांगू
घट घट के वासी सब जानो
लहरी शिव भोले भंडारी
भोले भंडारी त्रिपुरारी शीश बहे गंगा प्यारी


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