चाहे जप करले तू चाहे तप करले chaahe jap karle tu chaahe tap kar le
चाहे जप करले तू चाहे तप करले
लेकिन हरि को नहीं पाएगा तू बंदे
जबतक खुदी को नहीं मिटाएगा बंदे
खुदी है जहां वहाँ भगवान नहीं है
जिसमें है मैं - वह इंसान नहीं है
खुद को जान और पहचान प्राणी
वरना बड़ा पछताएगा बड़ा पछताएगा
जब तक खुदी को नहीं मिटाएगा बंदे
तब तक हरि को नहीं पाएगा तू बंदे
क्यों करता है मेरी मेरा --मेरी मेरा
सच में तो बंदे कुछ नहीं है तेरा
तन भी ले लेगा धन भी ले लेगा ईश्वर
क्या तेरा रह जाएगा -क्या रह जाएगा
जब तक खुदी को नहीं मिटाएगा बंदे
तब तक हरि को नहीं पाएगा तू बंदे
मुख से किया जो गुणगान नहीं वो
खुदी ना मिटाई किया दान नहीं वो
चाहे दान करले चाहे गुणगान करले
कुछभी काम नहीं आएगा नहीं आएगा
जबतक खुदी को नहीं मिटाएगा बंदे
तब तक हरि को नहीं पाएगा तू बंदे
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