मानव जीवन पाकर बंदे करले प्रभु से प्यार manav jeevan paakar bande kar le prabhu se pyar
मानव जीवन पाकर बंदे करले प्रभु से प्यार
प्रभु के भजन बिन ये जीवन है बेकार
मानव जीवन पाकर बंदे करले प्रभु से प्यार
कितने शुभ कर्मों से ये मानव देह मिली
क्यों शुभ अवसर खोता सुंदर कली खिली
ढली जवानी वृद्ध हुआ तो टूटजाए सबतार
प्रभु के भजन बिन ये जीवन है बेकार
किसको कहता तू ये अपना -अपना है
लेकिन तेरी झूठी सभी कल्पना है
सपना जैसा खेल जगत में करलो बिचार
प्रभु के भजन बिन ये जीवन है बेकार
सच्चे दिल से ईश्वर के गुण गाया कर
मन मंदिर में झाड़ू रोज लगाया कर
गाया कर प्रभु की महिमा जो है सर्वाधार
मानवजीवन पाकर बंदे करले प्रभुसे प्यार
प्रभु के भजन बिन ये जीवन है बेकार
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