ओ मूरख बंदे क्या है रे जग में तेरा ooh murakh bande kya hai re jag mei tera
ओ मूरख बंदे क्या है रे जग में तेरा
ये तो सब झूठा सपना कुछ ना तेरा है
ओ मूरख बंदे क्या है रे जग में तेरा
चाहे माया जोड़ले कितने ही महल बनाले
तेरे मरने के बाद में सुन तेरे ये घर वाले
दो गज कफन उड़ाके छीन लेंगे ये तेरा डेरा
ओ मूरख बंदे क्या है रे जग में तेरा
कोठी बंगला देख तू क्यों इतना इतराता है
पत्नी बच्चों के बीच तू फूला नहीं समाता है
ये चारदिनों की चांदनी फिर आएगा अंधेरा
ओ मूरख बंदे क्या है रे जग में तेरा
मूरख अपनी मुक्ति का तू जल्दी कर उपाय
जाने किस घड़ी तेरी बांह पकड़ ले जाय
तेरे साथ में घूम रहा है बनकर काल लुटेरा
ओ मूरख बंदे क्या है रे जग में तेरा
पाप कमाया बहुत अब थोड़ा धर्म कमाले
कुछ तो समय मानव तू राम नाम गुण गाले
रामनाम से मिटजाएगा जन्ममरण का फेरा
ओ मूरख बंदे क्या है रे जग में तेरा
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