ऊंचे ऊंचे मंदिर तेरे ऊंचा तेरा धाम unche unche mandir tera uncha tera dhaam
ऊंचे ऊंचे मंदिर तेरे ऊंचा तेरा धाम
कैलाश के वासी भोले हम करते तुझे प्रणाम
ऊंचे ऊंचे मंदिर तेरे ऊंचा तेरा धाम
अजब तेरी माया इसे कोई समझ न पाया
गजब का खेल रचाया सबसेबड़ा तेरा नाम
ऊंचे ऊंचे मंदिर तेरे ऊंचा तेरा धाम
कैलाश के वासी भोले हमकरते तुझे प्रणाम
अदभुत है संसार यहां पर कई भूलेखे हैं
तरह तरह के खेल जगत में हमने देखे हैं
तू है भाग्य विधाता तेरे लेख सुलेखे हैं
तू लिखने वाला है यह सब तेरे लेखे हैं
अजब तेरी माया इसे कोई समझ न पाया
पारब्रह्म परमेश्वर तू है हर कोई माने रे
सब तेरे बालक है क्या अपने क्या बेगाने रे
तू अंतर्यामी सबकी पीड़ा पहचाने रे
सबके हृदय में बैठा घट घट की जाने रे
अजब तेरी माया इसे कोई समझ न पाया
हे योगेश्वर योग से तूने जगत बनाया है
तन पे तूने भस्म रमाके अलख जगाया है
कहीं धूप के रंग सुनहरे कहीं पर छाया है
तूने किया है वही जो तेरे मन को भाया है
अजब तेरी माया इसे कोई समझ ना पाया
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