कृष्ण दामोदरम वासुदेवम हरी krishna damodaram vasudevam hari
कृष्ण दामोदरम वासुदेवम हरी
शरणागत होए पुकार करी
कृष्ण दामोदरम वासुदेवम हरी
विनती सुनलो श्याम मुरारी
तुम बिन कौन खबर ले हमारी
तेरे द्वारे पड़ी है तुमरी सबरी
कृष्ण दामोदरम वासुदेवम हरी
तेरे नाम ने लाखों हैं तारे
रह गए हम बेबस दुखिया रे
घोर बिपति क्यों हमपे पड़ी
कृष्ण दामोदरम वासुदेवम हरी
नाच रहा ब्रज मंडल सारा
गूंज रहा तेरा जय जयकारा
नाम ध्वनी की बरसे झरी
कृष्ण दामोदरम वासुदेवम हरी
नाम सुमिर कर भये बैरागी
भक्ति प्रेम की लगन लागी
ले लो शरण सुदर्शन हरी
कृष्ण दामोदरम वासुदेवम हरी
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