मेरी खाली झोली भरदे दुनिया के माली meri khali jholi bharde duniya ke maali
मेरी खाली झोली भरदे दुनिया के माली
दर पर आया हूं तेरे बनके सवाली
मेरी खाली झोली भरदे दुनिया के माली
फूल खिलाए तूने रंग -बिरंगे
रुप सजाए तूने हर एक ढंग के
मुझ पर दया करदे मैं हूं टूटी डाली
मेरी खाली झोली भरदे दुनिया के माली
सूख गया ये जीवन का पौधा
इस जग ने मुझे ऐसा रौंदा
आशा तुझी से मेरी दोनों हाथ खाली
मेरी खाली झोली भरदे दुनिया के माली
इस बगिया की आस तू ही है
हम पौधों की प्यास तू ही है
देर न कर अब आजा कर रखवाली
मेरी खाली झोली भरदे दुनिया के माली
दर पर आया हूं तेरे बनके सवाली
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