कीजिए बजरंगबली भक्तों पे कृपा कीजिए kijiye bajrangbali bhakto e kripa kijiye
कीजिए बजरंगबली भक्तों पे कृपा कीजिए
मुझ दीन हीन को हनुमत शरण में लीजिए
कीजिए बजरंगबली भक्तों पे कृपा कीजिए
भय सतावे ना कभी भी काल विकराल का
अंध काटो हे वलि मोह के जंजाल का
भक्तिअमृत से हृदयकी गगरिया भर दीजिए
कीजिए बजरंगबली भक्तों पे कृपा कीजिए
शरणागत के हे पवनसुत आपने संकट हरे
नाम जपले आपका जो पाप जन्मों के कटे
रामजी के काज साधे तनिक मुझपे रीझिए
कीजिए बजरंगबली भक्तों पे कृपा कीजिए
भटकते संसार में हम बोझ कस्टों का लिए
झुकता है सिर शर्मसे कुछ कर्म ही ऐसे किए
आप पारस लख मोहे मुझको बसछू दीजिए
कीजिए बजरंगबली भक्तों पे कृपा कीजिए
मुझ दीन हीन को हनुमत शरण में लीजिए
0 comments