अपने साईप्रभु को देखा है ।
मैंने सपने में आज देखा है,
अपने साईप्रभु को देखा है । मैंने …..[१]
अपने साईप्रभु को देखा है । मैंने …..[१]
सुबह-सबेरे ही, नहीं अकेले ही,
जाते अब्दुल के संग देखा है । मैंने …..[२]
जाते अब्दुल के संग देखा है । मैंने …..[२]
झोली-टमरैल लिये, भीख लेने के लिए,
उनको बस्ती में जाते देखा है । मैंने …..[३]
उनको बस्ती में जाते देखा है । मैंने …..[३]
बैठे धूनी के करीब, बनके भक्तों के हबीब,
सबको भोजन कराते देखा है । मैंने …..[४]
सबको भोजन कराते देखा है । मैंने …..[४]
जला के आग स्वयं ही, बना के भोजन स्वयं ही,
सबको भोजन कराते देखा है । मैंने …..[५]
सबको भोजन कराते देखा है । मैंने …..[५]
संग म्हालसापति के, संग प्यारे तात्या के,
सोये मस्जिद में उनको देखा है । मैंने …..[६]
सोये मस्जिद में उनको देखा है । मैंने …..[६]
पास लोगों को बुलाकर, ज्ञान की बात बताकर,
उनको किस्सा सुनाते देखा है । मैंने …..[७]
उनको किस्सा सुनाते देखा है । मैंने …..[७]
भक्ति भक्तों में जगाकर, श्रद्धा-सबुरी ही सिखाकर,
प्यार सब पर लुटाते देखा है । मैंने …..[८]
प्यार सब पर लुटाते देखा है । मैंने …..[८]
रोग भक्तों का भगकर, कोई अचरज ही दिखाकर,
सबका दुःख दूर करते देखा है । मैंने …..[९]
सबका दुःख दूर करते देखा है । मैंने …..[९]
दीप जल से ही जलाकर, लीला अद्भुत ही दिखाकर,
“अल्लाह मालिक है” कहते देखा है । मैंने …..[१०]
“अल्लाह मालिक है” कहते देखा है । मैंने …..[१०]
उनका कोई आदि नहीं है, उनका कोई अंत नहीं है,
वो तो शाश्वत, अलख, अनोखा है। मैंने …..[११]
वो तो शाश्वत, अलख, अनोखा है। मैंने …..[११]
प्रभा चेहरे पे सदा रहती है, आँखे करूणा से भरी रहती है,
हो गया धन्य, जब से देखा है । मैंने …..[१२]
हो गया धन्य, जब से देखा है । मैंने …..[१२]
इतना पावन स्वरूप है उनका, इतना मोहक स्वरूप है उनका,
होती है जिस पे कृपा उसने उनको देखा है । मैंने …..[१३]
होती है जिस पे कृपा उसने उनको देखा है । मैंने …..[१३]
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