तुम ढूंढों मुझे गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥

by - December 10, 2019

तुम ढूंढों मुझे गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥--(१), (१)

सुध लो मोरी......,

सुध लो मोरी गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥--(1,1)

तुम ढूंढों मुझे गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥

सुध लो मोरी गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥


1. पाँच विकार से हांकी जाये, पाँच तत्व की ये धेरी ॥--(१), (१)

बरबस भटकी दूर कहीं मैं, चैन ना पाऊँ, अब केरी ॥--(१), (१)

ये कैसा मायाज़ाल, मैं उलझी गैया तेरी ॥--(१), (१)

सुध लो मोरी गोपाल, मैं उलझी गैया तेरी ॥


तुम ढूंढो मुझे गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥--(२)


2. जमुना तट ना, नंदन वट ना, गोपी-ग्वाल कोई दिखे ॥--(१), (१)

कुसुम लता ना, तेरी छटा ना, पान-पखेरु कोई दिखे ॥--(१), (१)

अब सांझ भई घनश्याम, मैं व्याकुल गैया तेरी ॥--(१), (१)

सुध लो मोरी गोपाल, मैं व्याकुल गैया तेरी ॥

तुम ढूंढो मुझे गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥


3. कित पाऊँ तरुवर की छांव, जित साजै कृष्ण-कन्हैया ॥--(१), (१)

मन का ताप-श्राप भटकन का, तुम्हीं हरो हर रास रचैया ॥--(१), (१)


अब खुब निहारुँ बाट प्रभु जी, मैं खोई गैया तेरी ॥--(१), (१)

सुध लो मोरी गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥

तुम ढूंढो मुझे गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥

4. बंशी के स्वर नाद से तेरो, मधुर तान से मुझे पुकारो ॥--(१), (१)


मुझे उबारो हे गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥

तुम ढूंढो मुझे गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥


सुध लो मेरी गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥

तुम ढूंढो मुझे गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥

सुध लो मोरी गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥

॥ तुम ढूंढो मुझे गोपाल, मैं खोई गैया तेरी ॥


You May Also Like

0 comments

Contact Form

Name

Email *

Message *