राधे प्रगट भई बरसाने मंगल बजत बधाई है
राधे प्रगट भई बरसाने मंगल बजत बधाई है
मंगल बजत बधाई है मंगल बजत बधाई है
राधे प्रगट भई बरसाने मंगल बजत बधाई है
गोपीसखी सब आई सुन कीरत लाली जाई
रानी कीरत गोद खिलावे मंदमंद मुस्काई है
राधे प्रगट भई बरसाने मंगलबजत बधाई है
भवन की शोभा न्यारी भूषण बटत है भारी
श्रीवृषभानुसुता अतिसुंदर बेदनमें कहाई है
राधे प्रगटभई बरसाने मंगलबजत बधाई है
गोपीग्वाल नाचेगावे बृजवासी मंगल गावे
ऐसी लली नहीं देखी सब करत बढ़ाई है
राधे प्रगटभई बरसाने मंगलबजत बधाई है
चिरजीवौ भानु दुलारी बरसानो सुखहारी
राधेजू की मधुर बधाई हरिमाधव ने गाई है
राधे प्रगटभई बरसाने मंगलबजत बधाई है
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