पवनपुत्र हनुमान राम के परम भक्त कहलाए
तेरी महिमा सब जग गाये --सब जग गाये
पवनपुत्र हनुमान राम के परम भक्त कहलाए
बालपन में तुम्हीं ने रवि को मुख में दबाया
दुनिया में हाहाकार मचा घोर अंधेरा छाया
ब्रह्माने बज्र प्रहारकिया तब हनुमान कहलाए
तेरी महिमा सब जग गाये -- सब जग गाये
राजा सुग्रीव को पंपापुर का राज्य दिलाया
सीता की सुधि लानेका बीड़ा तुमनेही उठाया
श्रीराम से मुद्रिका लेकर लंका को चले हर्षाए
तेरी महिमा सब जग गाये -- सब जग गाये
करके समुंदर पार विभीषण बंधन से छुड़ाया
अशोक वाटिका में जा मां को संदेश सुनाया
सुनकर संदेश सियाजी के नैनो में आंसू आए
तेरी महिमा सब जग गाये --सब जग गाये
शक्ति लगी लक्ष्मण को तुमने ही प्राण बचाए
अहिरावण के बंधन से राम लखन छुड़ा लाए
महावीर तुम्हारे चरणों में हम हैं शीश नवाए
तेरी महिमा सब जग गाये -- सब जग गाये
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