मेरा श्याम इतना बड़ा है दयालु, दुखी अपने भक्तो को होने ना देता।।

by - December 10, 2019

मेरा श्याम इतना बड़ा है दयालु,
दुखी अपने भक्तो को होने ना देता।।


मजधार में हो जो नैया भगत की,
बनकर के माझी खुद ये खड़ा है,
चाहे लाख तूफ़ां हो चले गम की आंधी,
सबसे लड़ा है सबसे लड़ा है,
डूबने ना देता अपने भगत को,
बाहें फैलाकर खुद थाम लेता,
मेरा श्याम इतना बड़ा है दयालू,
दुखी अपने भक्तो को होने ना देता।।


कई बार इसने निज धाम छोड़ा,
भक्तो की खातिर नंगे पाँव दौड़ा,
टूटने ना पाए आशा भगत की,
कभी दिल न तोड़ा कभी दिल न तोड़ा,
सदा संग रहता है अपने भगत के,
की आँखों से ओझल ये होने ना देता,
मेरा श्याम इतना बड़ा है दयालू,
दुखी अपने भक्तो को होने ना देता।।




भगत के बिना मैं भगवान कैसा,
राधा के बिन आधा लगे श्याम जैसा,
ह्रदय पटल पर रखु भगत को,
मुकुट पे सजाऊँ मोर पंख जैसा,
कहे ‘राजा’ ऐसा दूसरा ना कोई,
भक्तों की सारी व्यथा हर लेता,
मेरा श्याम इतना बड़ा है दयालू,
दुखी अपने भक्तो को होने ना देता।।


मेरा श्याम इतना बड़ा है दयालु,
दुखी अपने भक्तो को होने ना देता।।


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