आना जाना यहां निरंतर कोई न परमानेंट
आना जाना यहां निरंतर कोई न परमानेंट
तू भजले राम नाम अर्जेंट -रामनाम अर्जेंट
आना जाना यहां निरंतर कोई न परमानेंट
जीवन देने वाले हरी से हो बैठा एवसेंट
संतों की विद्या लेकर बना. न तू स्टूड़ेंट
तू भजले राम नाम अर्जेंट रामनाम अर्जेंट
काम क्रोध मद लोभ के खुले हैं रेस्टोरेंट
खाले पीले मौज उड़ाले मुश्किल हो पेमेंट
तू भजले राम नाम अर्जेंट रामनाम अर्जेंट
ये मेरा ये मेरा करता बना तू इंटेलीजेंट
भूल जाएगा चौकड़ी सुन जगका जजमेंट
तू भजले रामनाम अर्जेंट रामनाम अर्जेंट
कोट पेंट हेट लगाकर बन रहा अपटूड़ेंट
ना जाने इस जीवन का कब हो जाए एंड
तू भजले राम नाम अर्जेंट रामनाम अर्जेंट
आनाजाना यहां निरंतर कोई न परमानेंट
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