गर हो जाए जो तेरी दया का इशारा gar ho jaaye jo teri dayaa ka ishaara

by - December 23, 2019


गर हो जाए जो तेरी दया का इशारा
डूबते को मिलता पलभर में किनारा
गर हो जाए जो तेरी दया का इशारा

ग्राह गज में हुई थी लड़ाई
गज ने आवाज तुमको लगाई
गर न होती दया जो तुम्हारी
मारा जाता वो गजराज बेचारा
गर हो जाए जो तेरी दया का इशारा....

सबरी देखे थी बाट तिहारी
राह में निशदिन लगाती बुहारी
ज्योंही दरशन किए कर गयी
पलभर में वो जग से किनारा
गर हो जाए जो तेरी दया का इशारा....

मीरा ने पाया नाच और गाके
गणिका तर गयी सुवा को पढाके
रैदास ने देखा तेरी दया का नजारा
भक्त धन्ना का चमका सितारा
गर हो जाए जो तेरी दया का इशारा......


भात नरसी का तूने भरा था
तेरी कृपा से प्रहलाद तरा था
तेरा गुण रात दिन मैँ गाऊँ
कैसे तुमको प्रभु मैं रिझाऊं
कैसे पाऊं मैं दरशन तुम्हारा
गर हो जाए जो तेरी दया का इशारा
डूबते को मिलता पल भर में किनारा


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