भजले श्याम फिर ये जनम दुबारा मिले न मिले bhajle shyam phir ye janam dubara mile na mile
भजले श्याम फिर ये जनम दुबारा मिले न मिले
मझधार में माझीतो मिलेगा किनारा मिले न मिले
भजले श्याम फिर ये जनम दुबारा मिले न मिले
ये जीवन है कर्ज प्रभु का व्यर्थ कहीं न जाए
दुनिया की रौनक में मन का मीत बिछुड़ न जाए
ढूंढे से तुमको कहीं श्याम प्यारा मिले न मिले
भजले श्याम फिर ये जनम दुबारा मिले न मिले
मन मंदिर में श्याम बसाकर बस एकबार निहारो
मिल जाए जब नैन प्रभु से प्रेम से नाम पुकारो
नैनो को नैनो से प्रभु का इशारा मिले ना मिले
भजले श्याम फिर ये जनम दुबारा मिले न मिले
सोच समझ जीवन में क्या खोया क्या पाया
माटी की काया पाकर तू दिन दिन इतराया
जाने के बाद नामोनिशान तुम्हारा मिले ना मिले
मजले श्याम फिर ये जनम दुबारा मिले न मिले
मझधार में माझी मिलेगा किनारा मिले न मिले
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