करुं नित नित तेरा ध्यान यही है प्रार्थना मेरी Karu nit nit tera dhyan yahi hai prathna
करुं नित नित तेरा ध्यान यही है प्रार्थना मेरी
मिले भक्ति का मुझे दान यही है प्रार्थना मेरी
करुं नित नित तेरा ध्यान यही है प्रार्थना मेरी
तेरी ही लगन हो बलिहारी तुझपे जीवन हो
तेरे नाम के रंग में हर पल रंगा ये मन हो
ऐसा देदो मुझे वरदान यही है प्रार्थना मेरी
करुं नितनित तेरा ध्यान यही है प्रार्थना मेरी
सांझ सवेरे गुण गांऊं पलपल तुझे पुकारुं
तुम संग प्रीत लगाके अपना जीवन सवारुं
ऐसी कृपा करो भगवान यही है प्रार्थना मेरी
करुं नितनित तेरा ध्यान यही है प्रार्थना मेरी
मैं--मैं रहे ना बस जीवन में तूही समाया
अपना असर ना डाल सके जगत की माया
मुझे छू न सके अभिमान यही प्रार्थना मेरी
करुं नितनित तेरा ध्यान यही है प्रार्थना मेरी
मिले भक्ति का मुझे दान यही है प्रार्थना मेरी
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