पवन पुत्र राम भक्त तुम हो मतवाले pavan putr raam bhakt tum ho matvaale
पवन पुत्र राम भक्त तुम हो मतवाले
राम काज हनुमान तुमने ही संभाले
पवन पुत्र राम भक्त तुम हो मतवाले
बाल समय में रवि मुख में समाया
तीनों ही लोक में अंधेरा सा छाया
देवता सारे तीन लोक के मिलके आए
विनती कर तुमसे रवि को छुड़ाए
हे महावीर तुम हो बलवान --बलवान
बजरंगी राम भक्त तुम हो मतवाले.....
जब लक्ष्मण के शक्ति लगी थी
लंका से वैद्य को लाने की जंची थी
बैद्य सुसैन को लेकर के आए
लाकर के बूटी लखन को जिलाए
राम की आंखों के हो तुम तारे
बजरंगी राम भक्त तुम हो मतवाले.....
जब अहिरावण ने प्रभु से छल किया था
राम लखन को उसने बंदी बना लिया था
तुम ही पाताल लोक पहुंचे थे जाकर
उन्हें छुड़ाया दिव्य रूप बना कर
दुष्ट ही रावण तुम भी थे मारे
बजरंगी राम भक्त तुम हो मतवाले
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