दरबार हजारों है ऐसा दूजा दरबार कहां

by - December 10, 2019

दरबार हजारों है ऐसा दूजा दरबार कहां
जो श्याम से मिलता वो मिलता प्यार कहां
दरबार. हजारों है ऐसा दूजा दरबार कहां

जो आस लगा करके दरबार में आता है
खाली झोली आता भर करके ले जाता है
मांगे से जो मिल जाए ऐसा भंडार कहां
दरबार हजारों हैं ऐसा दूजा दरबार कहां

सबके मन की बातें बड़े ध्यान से सुनता है
फरियाद सुने बाबा और पूरी करता है
जहां सब की सुनाई हो ऐसी सरकार कहां
दरबार हजारों है ऐसा दूजा दरबार कहाँ

कोई प्रेमी श्यामका जब हमको मिलजाए
सब रिश्तो से बढ़कर एक रिश्ता बन जाए
यह श्याम धनी का है ऐसा परिवार कहां
दरबार हजारो है ऐसा दूजा दरबार कहां

हमने जो भी चाहा दरबार से पाया है
येही अपना सब कुछ संसार पराया है
इसे छोड़ मेरा सपना होगा साकार कहां
दरबार हजारो है ऐसा दूजा दरबार कहाँ
जो श्यामसे मिलता वो मिलता प्यार कहां


You May Also Like

0 comments

Contact Form

Name

Email *

Message *