तू इतना सुन्दर क्यों है, क्यों मै इतनी पागल हूँ।

by - December 10, 2019

*🌹हे कान्हा.🌹*
‼💚‼
तू इतना सुन्दर क्यों है,
क्यों मै इतनी पागल हूँ।
कमल से कोमल नैनो से,
क्यों मै इतनी घायल हूँ।।
‼💚‼
तेरी मंद-मंद मधुर मुस्कान,
सच है या मेरी कल्पना।
सामने तू ही हैं न या,
है खुली आँखों का सपना।।
‼💚‼
श्यामल-श्यामल तेरा चितवन,
या बादल कही छाया है।
तेरे अधरों ने कहा है कुछ,
या कानों ने मुझे भरमाया है।।
‼💚‼
सपना है अगर ये तो,
मुझे सपनों में ही जीने दे।
ये रूप अमृत कान्हा का,
ताउम्र मुझे ऐसे ही पीने दे।
दरश दीवानी मैं।
मुझे प्यासी ही रहने दे।।
‼💚‼
*🙏🌹राधे राधे🌹🙏*


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