डगर डगर संग मेरे साँवरिया ।
,🌻🌻🌻🌻🌻
*मेरे साँवरिया... 🌹*
डगर डगर संग मेरे साँवरिया ।
प्रीतमें रंग दिखाए साँवरिया ॥
राह प्रीतम संग मैं चल पाऊँ ।
ऐसी रीति सिखाए साँवरिया ॥
डगर डगर संग मेरे साँवरिया...
रंगबिरंगी है छलनी दुनिया ।
चंचल मन भरमाती रंगीनियाँ ॥
जब मैं रंगों में रंगना चाहूँ ।
आत्मा मेरी जगाएँ साँवरिया ॥
डगर डगर संग मेरे साँवरिया...
मति मेरी जब भ्रम छा जाए ।
दिल मेरे जो अँधियारा आए ॥
भाव दिल जो मैं बदलाऊँ ।
नाता याद दिलाए साँवरिया ॥
डगर डगर संग मेरे साँवरिया...
दिल से अंधी जो मैं हो जाऊँ ।
सपन रंगीन जो मैं खो जाऊँ ॥
हाथ पकड़ मेरा ले प्रियतम ।
वतन वाट दिखाए साँवरिया ॥
डगर डगर संग मेरे साँवरिया...
माया में भूल जो मैं भ्रम पाऊँ ।
पथ बेध्यान जब मैं हो जाऊँ ॥
नेह से मुझको थाम ले प्रीतम ।
अपने घर पँहुचाए साँवरिया ॥
डगर डगर संग मेरे साँवरिया...
प्रीत पिया की हमको प्यारी ।
पाले रिश्ता मांग पूरे हमारी ॥
पिया चरन मैं रहना चाहूँ ।
ऐसी प्रीत दिखाए साँवरिया ॥
डगर डगर संग मेरे साँवरिया...
निस्बत हमारी परख तुम्हारी ।
समर्पित हूँ मैं आत्मा तुम्हारी ॥
प्रीत लहर पिया डूबी जाऊँ ।
ऐसी प्रीत उभारे साँवरिया ॥
डगर डग
0 comments