सांवरे घनश्याम तुम तो, प्रेम का अवतार हो

by - December 10, 2019



*सांवरे घनश्याम तुम तो*
*प्रेम का अवतार हो*

*फस रहा हू संकाटो में*
*तुम ही खेवन हार हो*

*सांवरे लाडले तुम तो*
*सांवरे वारे घनश्याम तुम तो*
*प्रेम का अवतार हो*

*चल रही आँधी भयानक*
*भावर में नैया फासी*

*थाम लो पतवार गिरधर*
*तब ही बेड़ा पार हो*

*फस रहा हू संकाटो में*
*तुम ही खेवन हार हो*

*सांवरे घनश्याम तुम तो*
*प्रेम का अवतार हो*

*आप का दर्शन हमे*
*इस छवि से बाराम बार हो*

*हाथ मुरली मुकुट सिर पेर*
*और गले में हार हो*

*फस रहा हू संकाटो में*
*तुम ही खेवन हार हो*

*सांवरे घनश्याम गिरधर*
*तुम तो प्रेम का अवतार हो*

*नंगे पग ताज के गरूँ को*
*दौड़ने वेल प्रभु*

*देखना निष्फल ना*
*मेरे आंशुओ की धार हो*

*फस रहा हू संकाटो में*
*तुम ही खेवन हार हो*

*हे सांवरे लाडले*
*सांवरे घनश्याम तुम तो*
*प्रेम का आधार हो*

*सांवरे घनश्याम तुम तो*
*प्रेम का अवतार हो*

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