साँवरे.. दया कर दो मेरे मोहन,
साँवरे..
दया कर दो मेरे मोहन,
तुम्ही दाता कहलाते हो..
नैनो में नीर है मेरे,
मुझे तुम क्यूँ रुलाते हो..
चले आओ मेरे मोहन,
तड़प अब सह ना पाई है...
मेरी जीवन की साँसों ने,
तुम्हारी महिमा गाई है..
जो तुम तक खींच लाती है,
तुम्हारी याद आती है.
मेरे गोविंद हे कृष्ण मुरारी..
तेरी तो है महिमा न्यारी..
गायो का तूँ है ग्वाला..
हम सबका रखवाला..
मोर मुकुट है तेरी शोभा..
इसकी तो सारे जग में आभा..
तूँ ने तो की माखन चोरी..
तेरी बँसी पर नाचे व्रज की बाला
सबसे सुंदर वाणी तेरी मुरारी.
तेरी गीता है सबको प्यारी..
मेरे कन्हैया
तेरी यादे, तेरी बाते,
बस, तेरे ही फसाने है..!
तस्वीर तेरी दिलकश है,
सूरत तेरी प्यारी है...
क्या नज़र करे तुझको,
क्या चीज हमारी है..
ये दिल भी तुम्हारा है..
ये जान भी तुम्हारी है..
"कांत"
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