सब सरकार से ऊँची सरकारी श्याम की
सब सरकार से ऊँची सरकारी श्याम की
सब दरबार से ऊँची दरबारी श्याम की
राजा हो य़ा रंक सभी शीश झुकाते हैं
मुश्किल घडियों में श्याम ही साथ निभाते हैं
श्याम सा ना कोई प्यारा पूरे संसार में
सब कुछ मिल जाता है इनके दरबार में
वो जीत के लौटे हार के दर जो आते हैं
मुश्किल घडियों में श्याम ही साथ निभाते हैं
हाथों. दे देते परचा तू भी आकर देखले
खो ना भरोसा आजमा के एक बार देखले
जो इक बार आए वो इनके हो जाते हैं
मुश्किल घडियों में श्याम ही साथ निभाते हैं
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