हमारो मन झूमे नाचे गावे जब राधाअष्टमी आवे
हमारो मन झूमे नाचे गावे जब राधाअष्टमी आवे
भादो महीना शुक्ल पक्ष जब राधा अष्टमी आवे
हमारो मन झूमे नाचे गावे जब राधाअष्टमी आवे
बरसाने आकर. यह जाना
राधा अष्टमी. पर्व सुहाना
आनंद बरस. रहयो बरसाना
ग्वाल बाल सखियां बृजवासी
सब मिलजुल मंगल गावे
जब. राधा. अष्टमी आवे
हमारो मन झूमे नाचे गावे
लाडो प्यारी महल बिराजे
सूरज की लाली मुख साजे
भानु भवन में बधाई बाजे
झूम रही है पीली पोखर
नव नवरंग अति देख दिखावे
जब राधा अष्टमी आवे
हमारो मन झूमे नाचे गावे
दयानंद अब मन नहीं माने
राधा अष्टमी पर्व मनाने
लै परिवार चलो सब बरसाने
लाडलीजू के दरशन पाने
अपने सोए भाग्य . जगाने
जब राधा अष्टमी आवे
हमारो मन झूमे नाचे गावे
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