जब निकालें तन से प्राण मेरे, मुझे बरसाने पहुँचा देना.*

by - December 10, 2019

*मेरी लाङली राधेय्य्य्य्य् सखी...❤️*


*वृषभानु सूते करुणा करके, मेरी इतनी आस बुझा देना,*
*जब निकालें तन से प्राण मेरे, मुझे बरसाने पहुँचा देना.*



*मैं तेरी जनम जनम से हूँ*
*और दासी तेरी धरम से हूँ,*
*पर लज़्ज़ित अपने करम से हूँ,*
*मेरी बाँह पाकर के उठा लेना,*
*वृषभानु सूते करुणा करके, मेरी इतनी आस बुझा देना,*
*जब निकालें तन से प्राण मेरे, मुझे बरसाने पहुँचा देना.*



*वृषभानु सूते करुणा करके, मेरी इतनी आस बुझा देना,*
*जब निकालें तन से प्राण मेरे, मुझे बरसाने पहुँचा देना.*
*_हे प्रियाजू_*
*कर लो हमसे भी थोड़ी-थोड़ी बात,*
*मेरे नैना भी करते हैं,  इंतजार लाड़ली,*

*बात मानो कभी तो मेरी किशोरी जी,*
*या फिर इतना ही कह दो,*
*आती तुमको हमारी नहीं याद प्यारी.*

*देना जितनी सांसें, बस हो तेरे नाम की,*
*बाकी सांसें मेरे नहीं कोई काम की...*
  *प्रेम से कहिये श्री राधे-राधे*
    *जय श्री राधे-राधे*

*☘जय जय श्री Զเधेश्याम ☘*
*!!! श्री कुञ्ज बिहारी श्री हरिदास...!!!*
  *#। श्रीमत्कुंजविहारिणेनमः ।#*
    *जय जय श्री राधे*

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