मनमोहन छवि दिखला दरस की प्यासी अखियां manmohan chhavi dikhla daras ki pyari
मनमोहन छवि दिखला दरस की प्यासी अखियां
प्यारी मुरलीकी तान सुना राधे संग आई सखियां मनमोहन छवि दिखला दरस की प्यासी अखिय़ां
प्यारे मोहन बांके बिहारी
कुंज बिहारी प्यारे गिरधारी
आके जमुना पर रास रचा
प्यारी मुरली की तान सुना
मोर मुकुट पीतांबर धारी
सांवरे मेरे सांवरिया गिरधारी
छैला ओ नंद के लाला
प्यारी मुरली की तान सुना
तोकूँ मैंने मटकी भर राखी
भर माखन मिश्री घर राखी
आजा आकर इसका भोग लगा
प्यारी मुरली की तान सुना
तुम बिन तरसे नैना हमारे
दरशन दो अब प्रीतम प्यारे
प्रभु चरणन में चित्त लगा
प्यारी मुरली की तान सुना
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