भोले मेरी नैया को भव पार लगा देना bhole meri naiyaa ko bhav se paar lagaa
भोले मेरी नैया को भव पार लगा देना
आपके हाथों में मेरी बिगड़ी बना देना
भोले मेरी नैया को भव पार लगा देना
शंख बजाकर के दुनिया को जगाते हो
डमरुकी मधुरधुन में सदमार्ग दिखाते हो
मैं मूरख मेरे अवगुण को भुला देना
भोले मेरी नैया को भव पार लगा देना
हर ओर अंधेरा है तूफान ने घेरा है
कोई राह नहीं दिखती तुझपे भरोसा है
एक आस लगी मेरी लाज बचा लेना
भोले मेरी नैया को भव पार लगा देना
महादेव जटा में तुमने गंगा को छुपाया है
माथे पे चंद्र सजाया विषधर लिपटाया है
मुझे नाथ गले अपने महाकाल लगा लेना
भोले मेरी नैया को भव पार लगा देना
आपके हाथों में मेरी बिगड़ी बना देना
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