मेरा मेरा छोड़दे बंदे कोई नहीं है तेरा रे mera mera chod de bande koi nahi hai tera re
मेरा मेरा छोड़दे बंदे कोई नहीं है तेरा रे
पल दो पल का साथ है दुनिया रैन बसेरा रे
मेरा मेरा छोड़दे बंदे कोई नहीं है तेरा रे
ये तन तेरा नहीं है बंदे साथ ना तेरे जाए रे
कंचन सा रूप सलोना मिट्टी में मिल जाए रे
लाख चौरासी भटकके ये मानव तन पाया रे
ऊंच-नीच का भेद कैसा कोई नहीं पराया रे
बढ़ाअजब खेलतेरा तेरीमाया किसने जानीरे
मेरा मेरा छोड़दे बंदे कोई नहीं है तेरा रे
कभी पानीमें नाव चलाई कभी नावमें पानी रे
रंगमंच है दुनिया सारी फिर कहीं हरि छाया रे
राजा कोई रंक बनाया कैसा खेल रचाया रे
चलती चक्की देख फकीरा समय की धारा रे
वक्त का बहता दरिया जिसका नहीं किनारारे
मेरा मेरा छोड़ दे बंदे कोई नहीं है तेरा रे
राजा से रंक बनाता वो रंक से बनते राजा रे
निर्बलसबल सबल से निर्बल सृजन ये कैसा रे
भोर भई उठ जाग मुसाफिर बहुत दूर जाना रे
अनजानी राहों का सफर है उसपे वीराना रे
मेरा मेरा छोड़ दे बंदे कोई नहीं है तेरा रे
धन दौलत का मान करे वो मूरख अज्ञानी है
जो कुछ देख रहा बंदे सब धोखा और पानी है
चला चली का मेला जगत मुसाफिर खाना है
रात काटके सबको अपने अपने रस्ते जाना है
मेरा मेरा छोड़ दे बंदे कोई नहीं है तेरा रे
पल दो पल का साथ है दुनिया रैन बसेरा रे
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