तुम्हें कहां कहां ढूंढूं राम मन में बसे हो राम tumhe kahaa kahaa dhundu raam mann mei base ho raam
तुम्हें कहां कहां ढूंढूं राम मन में बसे हो राम
मेरे तन के रोम-रोम में तुम्ही बसे हो राम
तुम्हें कहां कहां ढूंढूं राम मन में बसे हो राम
धरती जल नील गगन में
शीतल वायु तेज अगन में
तेरा रूप दिखे कण-कण में
सर्वव्यापी भगवान मेरे राम
तुम्हें कहां कहां मैं ढूंढूं राम....
सृष्टि में तुम माया में तुम
जड़ चेतन में काया में तुम
जहां देखूं मैं वहां तुम ही हो
जन-जन के मन में बसे हो राम
तुम्हें कहां -कहां मैं ढूंढू राम.......
मंदिर देखे तीरथ भी देखे
धर्म ग्रंथ और धाम भी देखे
नैन बंद कर जब देखा मन में
वहां मिले तुम राम --मेरे राम
तुम्हें कहां कहां मैं ढूंढू राम....
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