सुन नाथ .अरज अब मेरी

by - December 10, 2019


मै शरण. पडा प्रभू . तेरी
सुन नाथ अरज अब मेरी

तुम मानुष तन मोहे दीन्हा
भजन . प्रभू तुमरा नहीं कीन्हा
बिषयों ने मति. मेरी. घेरी
मैँ शरण पडा. प्रभू . तेरी
सुत दारा बंधु ये परिबारा
सब स्वारथ . का .है संसारा
जिन हेतु किए पाप घनेरी
मैँ शरण पडा प्रभू . तेरी
माया में ये जीव लुभाया
रुप नहीं पर तुमरा जाना
पडा जनम मरण की फेरी
मैँ शरण पडा प्रभू . तेरी
भव सागर मैँ नीर अपारा
मोहे. क्रपालू प्रभू . करो .पारा
ब्रह्मा नन्द करो. नहीं . देरी
सुन नाथ अरज अब मेरी
मैँ शरण पडा प्रभू . तेरी


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