मैं तो दासी बनूँगी तेरे चरणन की mai to daasi banungi tere charnan ki
मैं तो दासी बनूँगी तेरे चरणन की
मोहे आस लगी नंद नंदन की
मैं तो दासी बनूंगी तेरे चरणन की
एक भरोसा बस तेरा है
मंजिल है दूर और अंधेरा है
बिगड़ी हालत है दोऊ नैनन की
मोहे आस लगी नंद नंदन की
मैं तो दासी बनूंगी तेरे चरणन की
अपना लेना चाहे ठुकरा देना
मुक्ति का कोई मारग बतला देना
अब इच्छा नहीं है महलन की
मोहे आस लगी नंद नंदन की
मैँ तो दासी बनूँगी तेरे चरणन की
मेरा प्रेम का धागा टूटे ना
तेरा साथ कभी ये छूटे ना
लेलो सुध अब इस निर्धन की
मैँ तो दासी बनूँगी तेरे चरणन की
मोहे आस लगी नंद नंदन की
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