राम को जिसने मन में उतारा raam ko jisne man mei utara
राम को जिसने मन में उतारा
उसे मिल गया जग से किनारा
राम को जिसमें मन में उतारा
छूट गया वो आवागमन से
मुक्त हुआ वो हर बंधन से
राम ने उसको दिया सहारा
उसे मिल गया जग से किनारा
राम को जिसने मन में उतारा
हुआ ना गर्ब जिसको काया का
किया न मोह जिसने माय़ा का
उसने जग में जीवन संवारा
राम ने उसको दिया सहारा
उसे मिल गया जग से किनारा
राम को जिसने मन में उतारा
धुल गए उसके सारे पाप
कर लिया जिसने राम का जाप
राम ने उसको जग से तारा
राम ने उसको दिया सहारा
उसे मिल गया जग से किनारा
राम को जिसने मन में उतारा
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