सतगुरू आँगण आया ऐ सैयां मंगल गावा ऐ,
जनम-जनम रा भाग पूरबला,दर्शन पाया ऐ,
धूप दीप ले करां आरती,चंवर ढुलावा ऐ,
हींगलु पगां रो ढालु ढोलियो,चरण पखांला ऐ
चरण धोय चरणामृत लेवा,मन सुख पावां ऐ•••सैया
केशर चन्दन को तिलक लगावा,आय बधावा ऐ
दरश परस रो अवसर मिलियो,लाभ उठावा ऐ•••सैया
भजन करण रो अवसर मिलियो,हरि चित लावा ऐ
सतगुरू बिन कुण पार करे भव,जग भरमाया ऐ•••सैया
सदानन्द सतगुरू जी के शरणे,सब सुख पावां ऐ।
बार-बार नही मिले ओ अवसर,फिर पछतावा ऐ•••सैया
बोल राम राम खुश होंगे हनुमान रे
पल मैं बनायेंगे तेरे बिगडे काम रे
बोल राम राम खुश होंगे हनुमान रे
रामजी के भजन हनुमानजी को भाये
नाम राम का सुनके दौडे दौडे आये
रटते यही नाम सुबह शाम आठों याम रे
पल में बनायेंगे तेरे बिगडे काम रे
तनमन है उनका रंगा राम के ही रंग में
पलभर न जाये दूर रहते सदा संग में
राम के चरणो मैं है उनका ही धाम रे
पल में बनायेंगे तेरे बिगडे काम रे
राम सिया का है उनके ह्रदयमें ठिकाना
उनके जैसा रामभक्त जगमें कोई हुआ ना
रोम रोम में बसे उनके सीता राम रे
पल में बनायेंगे तेरे बिगडे काम रे
भक्त राम के हैं उनको प्राण से भी प्यारे
देने को सहारे आये दौडे राम के दुलारे
कष्ट सारे मिटते लेने से उनका नाम रे
पल में बनायेंगे तेरे बिगडे काम रे
January 20, 2020
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गणपति गणेश को उमापति महेश को
मेरा प्रणाम है -- मेरा प्रणाम है
गणपति गणेश को उमापति महेश को
कृष्ण कन्हैया को बलदाऊ भैया को
मेरा प्रणाम है -- मेरा प्रणाम है
गणपति गणेश को उमापति महेश को
वृषभानु दुलारी को राधा मात हमारी को
मेरा प्रणाम है -- मेरा प्रणाम है
गणपति गणेश को उमापति महेश को
अंजनी के पूत को श्रीरामजी के दूत को
मेरा प्रणाम है -- मेरा प्रणाम है
गणपति गणेश को उमापति महेश को
नारायण अवतार को लक्ष्मीके भरतार को
मेरा प्रणाम है -- मेरा प्रणाम है
गणपति गणेश को उमापति महेश को
मां शेरावाली को खंडे खप्पर वाली को
मेरा प्रणाम है -- मेरा प्रणाम है
गणपति गणेश को उमापति महेश को
January 20, 2020
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मैं आरती गाऊं तेरी ओ केशव कुंज बिहारी
मैं नितनित शीश नवाऊं ओ मोहन कृष्ण मुरारी
मैं आरती गाऊं तेरी ओ केशव कुंज बिहारी
है तेरी छबि अनोखी एेसी न देखी कोई दूजी
तुझसा ना सुन्दर कोई ओ मोर मुकुट धारी
मैं नितनित शीश नबाऊं ओ मोहन कृष्णमुरारी
जो आये शरण तिहारी विपदा मिट जाये सारी
हम सब पर क्रपा रखना ओ जगत के पालनहारी
मैं नितनित शीश नबाऊं ओ मोहन कृष्णमुरारी
राधासंग प्रीत लगायी और प्रीत की रीत चलायी
तुम राधारानी के प्रेमी जय राधे रास बिहारी
मैं नितनित शीश नवाऊं ओ मोहन कृष्ण मुरारी
जबजब तू वंशी बजाये सब अपनी सुध खो जायें
तू सबका सब तेरे प्रेमी ओ कृष्ण प्रेम अवतारी
मैं नितनित शीश नबाऊं ओ मोहन कृष्णमुरारी
माखनकी मटकीफोड़ी गोपिनसंग अखियां जोड़ी
ओ नटखट रसिया तुझपे ज़ाऊँ मैं बलिहारी
मैं नितनित शीश नवाऊं ओ मोहन कृष्णमुरारी
January 20, 2020
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रसना राधे राधे गा रसना राधे राधे गा
राधे राधे गाकर जग में जीवन सफल बना
रसना राधे राधे गा रसना राधे राधे गा
राधा नाम अमोलक प्यारे
जनम जनम के कष्ट निबारे
तू भी जपले तू भी रटले
तू भी गाले श्रीराधा राधा
रसना राधे राधे गा राधे राधे गा
राधा नाम सदा सुखदायी
जो गावें उसे मिले कन्हाई
मैं भी गाऊं तुम भी गाओँ
सब मिल जुल गाओ श्रीराधा
रसाना राधे राधे गा राधे राधे गा.
राधा कृष्ण है कृष्ण ही राधा
जो जाना वो सब कुछ साधा
फिर क्यो डोले उसका होले
क्यो ना बोले श्रीराधा राधा
रसना राधे राधे गा राधे राधे गा
January 20, 2020
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एेसे हैं मेरे राम एेसे हैं मेरे राम
विनय भरा ह्रदय करें सदा ज़िसे प्रणाम
एेसे हैं मेरे राम एेसे हैं मेरे राम
ह्रदय कमल नयन कमल
सुमुख कमल चरण कमल
कमल के कुंज तेज पुंज
छबि ललित ललाम ललित ललाम
एेसे हैं मेरे राम एेसे हैं मेरे राम
राम सा पुत्र ना राम सा भर्ता
राम सा पति ना राम सा त्राता
राम सा मित्र ना राम सा दाता
सबसे निभाये वों सबका नाता
स्वभाव से उदार सब गुणों की खान
एेसे हैं मेरे राम एेसे हैं मेरे राम
सारे जग के प्राण हैं राम
ऋषी मुनियों का ध्यान हैं राम
गंधार्वों का ग्यान हैं राम
मर्यादा का भान हैं राम
पतितों का उत्थान हैं राम
एेसे हैं मेरे राम एेसे हैं मेरे राम
धनुर्धारी धनवान हैं राम
निश्चित ही विद्वान हैं राम
सबको लागे भगवान हैं राम
जनम मरण से मुक्ती हो जाये
जपो राम नाम सुबह और शाम
एेसे हैं मेरे राम एेसे हैं मेरे राम
January 20, 2020
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गोविन्द हरे गोपाल हरे
जय केशव माधव श्याम हरे
गोविन्द हरे गोपाल हरे
जय मुरली माधव श्याम हरे
जय जय प्रभु दीनदयाल हरे
जय क्रष्ण हरे जय गोविन्द हरे
जय जय गिरधर गोपाल हरे
गोविन्द हरे गोपाल हरे
जय राम हरे जय क्रष्ण हरे
जय मुरलीधर श्याम हरे
मनमोहन सुन्दर श्याम हरे
घनश्याम हरे राधेश्याम हरे
गोविन्द हरे गोपाल हरे
श्रीराधे हरे जय श्रीकृष्ण हरे
जय कुंजविहारी श्याम हरे
हे सर्वेश्वर हे परमेश्वर योगेस्वर
श्री कृष्ण हरे जय गोविन्द हरे
गोविन्द हरे गोपाल हरे
January 20, 2020
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पहले आदि गणेश मनाया करो
फिर भोलेजी के दर्शन पाया करो
पहले आदि गणेश मनाया करो
भोले तेरी निराली माया है
कहीं धूप और कहीं छाया है
कहीं जंगल मैं मंगल छाया है
पहिले आदि गणेश मनाया करो
फिर भोलेजी के दर्शन पाया करो
भोले अंग भभूत रमाई है
गले सर्पों की माला पायी है
उमा पार्वती संग जोड़ी बनाई है
पहले आदि गणेश मनाया करो
फिर भोलेजी के दर्शन पाया करो
भोले जटा में बह रही गंग धारा
जिसने बनाया है सोहना मूर्ति द्वारा
उधर नन्दी है लोकिक जग सारा
पहले आदि गणेश मनाया करो
फिर भोलेजी के दर्शन पाया करो
January 20, 2020
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रावण की हनुमान जलाय आये लंका
जलाय आये लंका बजाय आये डंका
रावण की हनुमान जलाय आये लंका
फल खाये बाग उजारे दुखदिये अति भारे
मारे मेघनाथ के मान जलाय आये लंका
जलाय आये लंका बजाय आये डंका
रावण की हनुमान ज़लाय आये लंका
लंकामैं आग लगायी सागरमैं पूँछ बुझायी
उनकी भलीकरें भगवान जलाय आये लंका
जलाय आये लंका बजाय आये डंका
रावण की हनुमान जलाय आये लंका
लंका बाले घबराये घर से बाहर आये
एेसो आयो है बलवान जलाय आये लंका
जलाय आये लंका बजाय आये डंका
रावण की हनुमान जलाय आये लंका
सीताजी के ढ़िग आये चरणोमैं शीश नबाये
सीता ने देदिये वरदान जलाय आये लंका
जलाय आये लंका बजाय आये डंका
रावण की हनुमान जलाय आये लंका
श्रीराम के ढ़िग जाई सीता की खबर सुनाई
उनको रामनाम गुणगाय जलाय आये लंका
जलाय आये लंका बजाय आये डंका
रावण की हनुमान जलाय आये लंका
January 20, 2020
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पहले तुम्हें मनायें चरणॉ में शीश झुकायें
गिरजा के लाल आओ बिगडी मेरी बनाओ
पहले तुम्हे मनायें चरणॉ मैं शीश झुकायें
हार चढाऊं फूल चढाऊं देवा
लड्डूअन का भोग लगाऊँ देवा
हम करते तेरी सेवा गणपति देवा
पहले तुम्हें मनायें गणपति देवा
माता तुम्हारी पार्वती पिता शंकर देवा
ऋद्धि सिद्धि संग आओ गणपति देवा
प्रथम ध्यान लगायें काज संवारो देवा
पहले तुम्हें मनायें गणपति देवा
हर बुधवार पूजा तुम्हारी देवा
नित हम ध्यान लगायें तेरा देवा
ऋषी मुनी करते गुणगान देवा
पहले तुम्हें मनायें गणपति देवा
January 20, 2020
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मुरली बाले प्यार तेरा पाने हम अा गये
हम ब्रंदावन अा गये हम ब्रंदावन अा गये
मुरली बाले प्यार तेरा पाने हम अा गये
तुम बिन बीती कितनी रातें
तुमसे करने को कुछ बातें
मन मोहन दिलदार तुमको
दिल की सुनाने हम अा गये
हम ब्रंदावन अा गये अा गये
विनती तुमसे ये ही सांवरिया
तेरे दर पे बीते ये उमरिया
ब्रंदावन की पावन रज को
मस्तक से लगाने हम अा गये
हम ब्रंदावन अा गये अा गये
हम तो हैं तेरे प्रेम दीवाने
दीवाने हैं दीवाने और मस्ताने
सारे जग से नाता तोड़ कर
तुझको रिझाने हम अा गये
हम ब्रंदावन अा गये अा गये
January 20, 2020
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धन के भूखे नही हैं मेरे श्यामजी
भाव श्रद्धा सुमन और भजन चाहिये
देंगें दरशन ज़रुर तुम्हें एक दिन
उनसे मिलने की दिल में लगन चाहिये
छोड़ अपना सिंघासन वो दौडे चले
फिर सुदामा लगाया था अपने गले
उनके चरणो मैं सब कुछ समर्पित करो
प्रेम से सुमिरन और भजन चाहिये
भेंट केवट से कर राम हर्षाये थे
बेर भिलनी के खाने चले आये थे
एेसा दुनिया मैं देव दयालू नही
उनके चरणो मैं करना नमन चाहिये
ढ़ोगियों के भवन श्याम ज़ाते नही
बिना भाव वो भोजन खाते नही
रहते भक्तों के वश में सदा श्यामजी
हर सुबह शाम करना नमन चाहिये
लेते भक्तों के हित श्याम अबतारजी
छोड़ कर देख अभिमान इंसान तू
बोलने सबसे मीठे बचन चाहिये
भाव श्रद्धा सुमन और भजन चाहिये
January 20, 2020
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एक लगन लगी एक लगन लगी एक लगन लगी
हरि से मिलने की -- प्रभु से मिलने की
एक लगन लगी एक लगन लगी एक लगन लगी
एेसी लगन लगी मीरा को
राज पाट सब त्याग दिया
विष का प्याला अम्रत समझा
कण्ठ मैं उसे उतार लिया
गिरधर मीरा बस एक हुए
एक हुए एक हुए बस एक हुए
एक लगन लगी एक लगन लगी
एेसी लगन लगी शवरी को
वन में जा कर जाप किया
राम स्वयं आये और
नवधा भक्ती का वरदान दिया
शवरी भक्ती में लीन हुयी
लीन हुयी बस लीन हुयी
एक लगन लगी एक लगन लगी
एेसी लगन लगी तुलसी और सूर
हरि गुण गाते रहे गाते रहे
भक्ती का आनन्द ले लेकर के
मोक्ष की राह बनाते रहे
पीलो इस भक्ती प्याले को
एक लगन लगी एक लगन लगी
हरि से मिलने की प्रभु से मिलने की
एक लगन लगी एक लगन लगी
January 20, 2020
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इतना क्या कम है उपकार तेरा
इज्जत की रोटी खाता परिवार मेरा
इतना क्या कम है उपकार तेरा
औकात से ज्यादा तूने दिया है
मेरे लिए तूने सब कुछ किया है
कैसे मैं भूलूँ य़े अहसान तेरा
इतना क्या कम है उपकार तेरा
इज्जत की रोटी खाता परिवार मेरा
इज्जत का गहना लुटने दिया ना
सर मेरा तूने कान्हा झुकने दिया ना
हाथ किसी के आगे फैला न मेरा
इतना क्या कम है उपकार तेरा
इज्जत की रोटी खाता परिवार मेरा
यूं तो सांसों की सीमा कहाँ है
जो भी है ज़रुरत वो मिल रहा है
रुकने दिया ना कोई काम मेरा
इतना क्या कम है उपकार तेरा
इज्जत की रोटी खाता परिवार मेरा
January 20, 2020
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प्रेम के सिंधु दीन के बंधु
दुख दारिद्र विनाशक रे
हे जग त्राता विस्व विधाता
हे सुख शांति निकेतन रे
नित्य अखंड अनंत अनादि
पूरण परम ब्रह्म सनातन रे
हे जग त्राता विस्व विधाता
हे सुख शांति निकेतन रे
जगश्रेय जगतपति जगवंदन
अनुपम अलख निरंजन रे
हे जग त्राता विस्व विधाता
हे सुख शांति निकेतन रे
प्रेम सखा त्रिभुवन प्रतिपालक
मेरे जीवन के अबलम्बन रे
हे जग त्राता विस्व विधाता
हे सुख शांति निकेतन रे
January 20, 2020
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घर घर में गूंज रहीं हनुमान की लीलायें
कर पार समुन्दर सीता की सुधि लाये
घर घर में गूंज रहीं हनुमान की लीलायें
सुन जामबंत के बोल हनुमान ने य़े ठानी
श्रीराम उच्चार चले चाहे नीचे था पानी
प्रभु राम काज कारन हनुमान थे अकुलाये
कर पार समुन्दर सीता की सुधि लाये
जब लंकनी ने रोका लंका के द्वार पर
बध कीन्हा आगे बढे पनघट किनारे पर
कंहा बंदी बनी माता उसे कौन य़े बतलाये
कर पार समुन्दर सीता की सुधि लाये
कुछ दानबियां मिलकर करती थीं य़े चर्चा
वाटिका अशोक मैं दे सीता सत का परचा
रावण का चन्द्र खडग सती को ना छू पाये
कर पार समुन्दर सीता की सुधि लाये
वन्दी थी माता जहाँ भागे हनुमात उस ओर
कुम्भलाई बिना नाथ ज्यों चन्द्र बिना चकोर
उस विरह अवस्था मैं हनुदरश का सुख पाये
कर पार समुन्दर सीता की सुधि लाये
सिया मां के चरणो मैं मुद्रिका जब फेंकी
मुन्दरी स्वामी की है य़े सोचकर फिर देखी
मायावी दानव फिर कोई चाल नयी लाये
कर पार समुन्दर सीता की सुधि लाये
तुम्हें राम दुहायी मां मुझ पर विश्वास करो
श्रीराम का सेवक हूँ मत मुझसे मात डरो
रघुवर के अंतर की हर बात है बतलायी
कर पार समुन्दर सीता की सुधि लाये
January 20, 2020
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मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे
भोले बाबा की आँखों के तारे
मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे
तेरी काया क़न्चन कन्चन
किरणों का है ज़िसमे बसेरा
तेरी सूंड सुंडाली मोहनी मूरत
तेरी आँखों मैं खुशियों का डेरा
तेरी महिमा अति अपरम्पार
तुझको पूजे ये सारा संसार
प्रभु अम्रत रस बरषा जाना
मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे
प्रभु भजन तुम्हारे हम गायेँ
सबसे पहले हम तुमको मनायें
धूप दीपों की ज्योती जलायें
मन मंदिर में झांकी सजायें
मेरे भोले गणेश भगवान
दे दो हमको भक्ती का दान
प्रभु नैया पार लगा जाना
मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे
मेरे विघ्न विनाषक देवा
सबसे पहले करें तेरी सेवा
सारे जग मैं आनन्द छाया
बोलो जय जय गजानन्द देवा
तेरा ही गुण गाये ये संसार
घुंघरू की खनक खनका जाना
मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे
January 20, 2020
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तेरे चरणो में सर को झुकाता रहूँ
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूँ
तेरे चरणो में सर को झुकाता रहूँ
मैंने बचपन से तुझको ही जाना है
तेरा मेरा ये रिश्ता बहुत पुराना है
तुझे दिल की हकीकत सुनाता रहूँ
तेरे चरणो मेँ सर को झुकाता रहूँ
तू बुलाता रहे और मै आता रहूँ
तूने अपना बनाया ये अहसान है
तेरी क्रपा से ही मेरी पहचान है
तेरे भक्तों से मैं प्रेम बढ़ाता रहूँ
तेरे चरणो मेँ सर को झुकाता रहूँ
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूँ
क्यो न कहूँ प्रभु मैं धन्यबाद तेरा
तूने अपनी क्रपासे बनाया हर काम मेरा
यूं ही तेरे तराने मैं गाता रहूँ
तेरे चरणो में सर को झुकाता रहूँ
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूँ
January 20, 2020
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व्रन्दावन में हुकम चले वरषाने वाली का
और कान्हा भी दीवाना है श्री राधेरानी का
व्रन्दावन में हुकम चले वरषाने वाली का
सभी को कहते देखा बड़ी सरकार श्री राधे
लगेगा पार बेडा उसका जो कहेगा श्री राधे
व्रन्दावन में हुकम चले वरषाने वाली का
और कान्हा भी दीवाना है श्रीराधे रानी का
चारोतरफ बजता डंका श्रीब्रषभान दुलारी का
ये सारा जग है दीवाना है श्रीराधे रानी का
व्रन्दावन में हुकम चले वरषाने वाली का
और कान्हा भी दीवाना है श्री राधेरानी का
देना ज़ितनी सांसें मुझको बस हो तेरेनाम की
बाकी सांसें मेरी नही श्रीराधे कोई काम की
व्रन्दावन में हुकम चले वरषाने वाली का
और कान्हा भी दीवाना है श्री राधेरानी का
January 20, 2020
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दुनिया का बनकर देख लिया
श्यामा का बनकर देख ज़रा
राधा नाम में कितनी शक्ती है
इस राह पर चल कर देख ज़रा
दुनिया के चक्कर में फंस कर
कई जन्म यूं ही बर्बाद किये
अब शरण में श्यामा की आकर
तू नाम सुमिर कर देख ज़रा
दुनिया का बन कर देख लिया
राधा नाम में कितनी शक्ती है
ये तो पूछो प्रेम दीवानों से
इस प्रेम के प्याले को प्राणी
तू पी कर तो अब देख ज़रा
दुनिया का बन कर देख लिया
ज़ो भक्ती मार्ग पर चलते हैं
वो जग में अमर हो ज़ाते हैं
ये प्यार ही तो है श्यामा का
तू नींद से जाग कर देख ज़रा
दुनिया का बन कर देख लिया
श्यामा का बन कर देख ज़रा
January 20, 2020
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मेने छोडा जगत जन्जाल
राम नाम गुण गाने लगा
राम नाम की धुन में बहकर
जीवन सफल बनाने लगा
ये माया है बहता पानी
ना रहे राजा ना रही रानी
यह दुनिया है आनी जानी
नाम राम का सबसे सच्चा
सबको यही समझाने लगा
मैने छोडा जगत जन्जाल
राम ही दीपक राम ही बाती
राम सभी का सच्चा साथी
राम सभी की पढ़ता पाती
याद राम की कभी न जाती
राम भक्ती के मैं घर घर में
भक्ती दीप दमकाने लगा
मैंने छोडा जगत जन्जाल
राम नाम गुण गाने लगा
राम नाम की धुन में बहकर
जीवन सफल बनाने लगा
January 20, 2020
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जपो ॐ नमः शिवाय कहो ॐ नमः शिवाय
शिव शंभू का महा मंत्र है मुक्ती का उपाय
जपो ॐ नमः शिवाय कहो ॐ नमः शिवाय
जब जब डोले जीवन नैया
शिव की महिमा गाओ
सारे जग के वो हैं खिवैया
शिव की शरण में जाओ
संकट छाये कष्ट रुलाये
जब जब ये जी घबडाये
जपो ॐ नमः शिवाय कहो ॐ ....
सबसे प्यारे सबसे न्यारे
बाबा बड़े भोले भाले हैं
भांग धतूरे की मस्ती में
रहते मस्त निराले हैं
बम बम भोले कहते जाओ
बढते जाओ दम आये जाये
जपो ॐ नमः शिवाय कहो ॐ .....
जपो ॐ नमः शिवाय कहो ॐ नमः शिवाय
शिव शंभू का महा मंत्र है मुक्ती का उपाय
January 20, 2020
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देता है वो राम का कदम कदम पर साथ
रहे उसके सर पर हरदम श्रीराम का हाथ
देता है वो राम का कदम कदम पर साथ
जहाँ जहाँ श्रीराम चलेंगे वहां वहां हनुमानजी
जैसे जैसे राम कहेंगे वही करेंगे हनुमानजी
प्रभु राम की देखो मानें वो सारी बात
देता है वो राम का कदम कदम पर साथ
श्रीराम पर दुख आये तो दुखी हुए हनुमानजी
जबतकसंकट दूरनही होता करतेनही आरामजी
एक पल भी चैन नही है वो जागें सारी रात
देता है वो राम का कदम कदम पर साथ
हनुमान की भक्ती देख श्रीराम भी वश में हुए
तू मेरा और मैं हूँ तेरा कहते हैं वो हँसते हुए
कोई जान नही पाया है देखो इन दोनों की बात
देता है वो राम का कदम कदम पर साथ
राम नाम की चादर ओढे गले राम की माला
एक पल भी अपने मालिक को नही भुलाने वाला
वो तो बैठा बैठा हरदम करता है इनको याद
देता है वो राम का कदम कदम पर साथ
रहे उसके सिर पर हरदम श्रीराम का हाथ
January 20, 2020
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रामजी की गली में मकान होना चाहिए
पूरा मेरे दिल का अरमान होना चाहिए
रामजी की गली में मकान होना चाहिए
रामजी की गली में मकान जब बनबाऊंगा
भक्तों को बुलाऊंगा और कीर्तन करबाऊंगा
घर में राम सीता का गुणगान होना चाहिये
रामजी की गली में मकान होना चाहिये
मेरा ये मकान सारे लोंगों से निराला हो
रामजी की ज्योत से उजाला ही उजाला हो
घर पर आने वालों का सम्मान होना चाहिये
रामजी की गली में मकान होना चाहिये
मेरी इस जिन्दगी पर रामजी का अहसान है
रामजी के भक्तों की सेवा का अरमान है
मेरे घर रोज़ एक मेहमान होना चाहिये
रामजी की गली में मकान होना चाहिए
रामजी की गालियों को पलकों से बुहारूँगा
रामजी की सेवा में ही जिन्दगी गुजारूँगा
आठों पहर मस्ती का अरमान होना चाहिये
रामजी की गली में माकान होना चाहिये
January 20, 2020
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अजब है रुप और अजब तेरी मस्ती
चढी है भोले तेरे नाम वाली मस्ती
अजब है रुप और अजब तेरी मस्ती
तीन लोक के तुम स्वामी
कर दो क्रपा अन्तर यामी
त्रिशूल धारी हे त्रिपुरारी
भोले वाबा कर उपकारी
डमरू बजा के झंकार दो
भव तार दो भव तार दो
तेरा जलवा जब हैं पाते
गम के बादल छंट छंट ज़ाते
ज़टा में तेरी गंगा है साजे
माथे चन्दा नाग गले विराजे
भंगपीकर प्याला मस्ती शुमारदो
भव तार दो भव तार दो
ओमकार की अदभुत शक्ती
अर्ध नारेश्वर शिवा है शक्ती
दुनिया गाये गाथा त्रिकाल की
भ़टक रहा हूँ मैं भोले कबसे
मेरा ये जीवन संवार दो
भव तार दो भव तार दो
January 20, 2020
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चले आओ ढूढो न कोई बहाना
सोचो ज़रा कन्हैया रिश्ता है पुराना
चले आओ ढूढो न कोई बहाना
मझधार में नैया है .मजबूर खिवैया है
नैया का खिवैया अब तो कन्हैया है
अब पार लगाना प्रभू दूर किनारा है
अब तेरे सिवा प्रभू कौन हमारा है
इस तन में रमे हो इस मन में रमे तुम
तुझी से जुडी कहानी तुम्ही देते दानापानी
जो कुछ है मेरे पास सब दिया तुम्हारा है
अब तेरे सिवा प्रभू कौन हमारा है
एक आश तुम्हारी है विस्वास तुम्हारा है
घनश्याम दरश देदो कोई न हमारा है
संकट की घडी में मैंने तुम्हें पुकारा है
अब तेरे सिवा प्रभू कौन हमारा है
January 20, 2020
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चली जा रही है उमर धीरे धीरे
पल पल और आठों पहर धीरे धीरे
चली जा रही है उमर धीरे धीरे
बचपन भी जाये जवानी भी जाये
बुढापे का होगा असर धीरे धीरे
चली जा रही है उमर धीरे धीरे
तेरे हाथ पावों में बल न रहेगा
झुकेगी तुम्हारी कमर धीरे धीरे
चली जा रही है उमर धीरे धीरे
शिथिल अंग होंगे एक दिन तुम्हारे
तेरी मन्द होगी नजर धीरे धीरे
चली जा रही है उमर धीरे धीरे
बुराई से मन को तू अपने हटा ले
बन जायेगा तेरा जीवन धीरे धीरे
चली जा रही है उमर धीरे धीरे
भजन कर हरी का पल पल तू प्यारे
तो मिल जायेगा वो सजन धीरे धीरे
चली जा रही है उमर धीरे धीरे
पल पल और आठों पहर धीरे धीरे
January 20, 2020
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प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
प्रेम के बन्धन में मोहन बंध गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
प्रेम से जिसने पुकारा आपको
मेरे मोहन उसीके घर पर रह गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
प्रेम से मीरा ने पुकारा आपको
विष भरे प्याले को अम्रत कर गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
भाव तुलसीदास का पूरा किया
मुरली छोड़ कर धनुर्धारी बन गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
भात नरसी भक्त का तुमने भरा
व्रन्दावान के सेठ श्यामल बन गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
प्रेम से परिपूर्ण जिसने दिल दिया
बिक गये बिन दामं चाकर बन गये
प्रेमियों ने जो बनाया बन गये
प्रेम के बन्धन में मोहन बंध गये
January 20, 2020
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कंचन सा बना देता है हनुमान चालीसा
ज़िसका हरएक मोती है पारस के जैसा
कंचन सा बना देता है हनुमान चालीसा
इसके हर शब्दों में वरदान झलकता है
जो पाठ करे दिलसे भव पार उतरता है
इसको अपनाने में अब संसय है कैसा
कंचन सा बना देता है हनुमान चालीसा
हनुमान की महिमा का गुणगान भरा इसमें
बजरंग को रिझाने का सामान भरा इसमें
ये महा मंत्र है प्यारे अम्रत के जैसा
कंचन सा बना देता है हनुमान चालीसा
इसे कंठ वसा करके उच्चारण करते हैं
हर शब्द बाबा के चरणों से लिपटते हैं
श्री के हर कणकण में विश्वास भरा एेसा
कंचन सा बना देता है हनुमान चालीसा
ज़िसका हर एक मोती है पारस के जैसा
January 20, 2020
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मेरो नन्दजी को लाल मेरो मदन गोपाल
मतवारी जाकी चाल मेरो य़शोदा को लाल
मेरो नन्दजी को लाल मेरो मदन गोपाल
जाके घूँघर बाले बाल मेरो मदन गोपाल
चले टेढी मेढी चाल मेरो य़शोदा को लाल
मेरो नन्दजी को लाल मेरो मदन गोपाल
पहने गले में गुंजमाल मेरो मदन गोपाल
जाके होंठ लाल लाल मेरो यशोदा को लाल
मेरो नन्दजी को लाल मेरो मदन गोपाल
जाके नयन बड़े विशाल मेरो मदन गोपाल
पहने कुंडल विशाल मेरो यशोदा को लाल
मेरो नन्दजी को लाल मेरो मदन गोपाल
January 20, 2020
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