गौरापति शम्भो हे कैलाश के वासी
गौरापति शम्भो हे कैलाश के वासी
शिवभक्त हैं सारे दर्शन के अभिलाषी
गौरापति शम्भो हे कैलाश के वासी
जिनकी जटाओं में है पावन गंगा
जिनके गले में सोहे सर्प भुजंगा
महादेव अविनाशी कैलाश के वासी
शिवभक्त हैं सारे दर्शन के अभिलाषी
नमन करो मन शिव शंकर को
पूजो सदा तुम नागेश्वर को
बनालो अपने इस मन को काशी
शिवभक्त हैं सारे दर्शन के अभिलाषी
महादेवजी अति दयावान हैं मेरे
भोलानाथ जी कृपा निधान है मेरे
सारी सृष्टि में वासी कैलाश के वासी
शिवभक्त हैं सारे दर्शन के अभिलाषी
नीलकंठ महादेव है शिवजी हमारे
दुष्टों को मारे भक्तों को तारे
तेरी जय हो जय हो कैलाश के वासी
शिव भक्त हैं सारे दर्शन के अभिलाषी
गौरापति शम्भो हे कैलाश के वासी
0 comments