पितु मात सहायक स्वामी सखा
पितु मात सहायक स्वामी सखा
तुम ही एक नाथ हमारे हो
ज़िनके कछू और आधार नही
तिन्ह के तुम रखवारे हो
सब भांति सदा सुखदायक हो
दुख दुर्गुण सब नाशनहारे हो
प्रतिपाल करो सिगरे जग को
अतिशय करुणा उर धारे हो
भूले हैं हम ही तुमको तुम तो
हमरी सुधि नाहीं विसारे हो
उपकारन को कछु अन्त नहीं
छिंन ही छिंन जो विस्तारे हो
इस जीवन के तुम जीवन हो
इन प्राणनन के तुम प्यारे हो
तुम सो प्रभु पाइ प्रताप हरी
केहि के अब और सहारे हो
पितु मात सहायक स्वामी सखा
तुम ही एक नाथ हमारे हो
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