चली जा रही है उमर धीरे धीरे

by - January 20, 2020

चली जा रही है उमर धीरे धीरे
पल पल और आठों पहर धीरे धीरे
चली जा रही है उमर धीरे धीरे
बचपन भी जाये जवानी भी जाये
बुढापे का होगा असर धीरे धीरे
चली जा रही है उमर धीरे धीरे
तेरे हाथ पावों में बल न रहेगा
झुकेगी तुम्हारी कमर धीरे धीरे
चली जा रही है उमर धीरे धीरे
शिथिल अंग होंगे एक दिन तुम्हारे
तेरी मन्द होगी नजर धीरे धीरे
चली जा रही है उमर धीरे धीरे
बुराई से मन को तू अपने हटा ले
बन जायेगा तेरा जीवन धीरे धीरे
चली जा रही है उमर धीरे धीरे
भजन कर हरी का पल पल तू प्यारे
तो मिल जायेगा वो सजन धीरे धीरे
चली जा रही है उमर धीरे धीरे
पल पल और आठों पहर धीरे धीरे


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