निशिदिन करता मैं नाम जपन तेरा
निशिदिन करता मैं नाम जपन तेरा
शिव शिव शिव गुंजत मन मोरा
मैं तो जनम जनम का दास हूं तेरा
तुम हो मेरे प्रभु तुम ही हो कृपालू
तेरी जटा से बहती पवित्रता
तीनों लोकों के तुम ही हो दाता
डमरू बजाया और तमस भगाया
जड़ चेतन को तुम्हीं ने जगाया
तुम हो मेरे प्रभु तुम ही हो कृपालू
अलख निरंजन शिव मेरे स्वामी
तुम ही तो हो मेरे अंतरयामी
भूल जो कोई हुई है मुझसे
क्षमा मैं मांगू हर पल तुझसे
तुम हो मेरे प्रभु तुम ही हो कृपालू
लीला से तेरी डोले ये धरती
करते जो तेरी भक्ति देते तुम मुक्ति
तांडव नृत्य प्रलय करा करके
भव सागर को तू पार करा दे
तुम हो मेरे प्रभु तुम ही हो कृपालू
निशदिन करता मैं नाम जपन तेरा
शिव शिव शिव गुंजत मन मोरा
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