बजरंग दया करके मुझको अपना लेना
बजरंग दया करके मुझको अपना लेना
मैं शरण पड़ा तेरी चरणों में जगह देना
बजरंग दया करके मुझको अपना लेना
तुम सुख के सागर हो निर्धन के सहारे हो
इस तन में समाए हो प्राणों से प्यारे हो
नित माला जपूँ तेरी मुझको न भुला देना
मेरी नाव भंवर में डोले उसे पार लगा देना
बजरंग दया करके मुझको अपना लेना
पापी हूँ कपटी हूँ जैसा भी हूँ तेरा हूँ
घर बार छोड़कर मैं जीवन से खेला हूँ
दुख का मैं मारा हूँ मेरे दुख दर्द मिटा देना
मेरी नाव भंवर में डोले उस पार लगा देना
बजरंग दया करके मुझको अपना लेना
मैं सब का सेवक हूँ तेरे चरणों का चेरा हूँ
नहीं नाथ भुला देना इस जग में अकेला हूँ
तेरे दर का भिखारी हूँ मेरे दोष मिटा देना
मेरी नाव भंवर में डोले उस पार लगा देना
बजरंग दया करके मुझको अपना लेना
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