तेरी सेवा की सांवरिया चाहूं ये सौगात

by - January 20, 2020

तेरी सेवा की सांवरिया चाहूं ये सौगात
थामे रहना तुम जीवनभर सांवरे मेरा हाथ
तेरी सेवा की सांवरिया चाहूं ये सौगात

तेरी रहमत से ही मैंने पाया ये दरबार
ढूंढे से भी ना मिलेगा तुझ जैसा दातार
बिन बोले पढ़ लेता है तू मेरे मन की बात
थामे रहना तुम जीवनभर सांवरे मेरा हाथ

तपते गम की धूप जब मैं सह ना पाया
तूने आ करके कर दी शीतल प्रेम की छाया
घुमड़2 कर करदी तूने खुशियोंकी बरसात
थामे रहना तुम जीवनभर सांवरे मेरा हाथ

तुमबिन कैसे जीवन नैया होगी भवसे पार
छूटगया हूँ बीच भंवरमें अब तूही पतवार
तुमसे कहां छिपे हैं सांवरे मेरे हालात
थामे रहना तुम जीवनभर सांवरे मेरा हाथ

मात पिता तुम मेरे और तूही मेरा यार
तुझ बिन कौन मेरा यहां पर तू ही परिवार
तुम से जुड़े हुए हैं कान्हा मेरे जजबात
थामे रहना तुम जीवनभर सांवरे मेरा हाथ

तेरी सेवा की सांवरिया चाहूं ये सौगात


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